स्मार्टफोन की बैटरी जब 20 प्रतिशत पर पहुंचती है, तो ज्यादातर लोग बिना सोचे लो पावर मोड तुरंत ऑन कर देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह एक बटन दबाते ही आपके फोन के अंदर असल में क्या बदल जाता है? **लो पावर मोड** केवल एक साधारण फीचर नहीं है, बल्कि यह आपके ऑपरेटिंग सिस्टम का एक खास इमरजेंसी प्रोटोकॉल है। iOS और Android दोनों ही सिस्टम इस मोड में आपकी बैटरी बचाने के लिए फोन की परफॉर्मेंस और कई फीचर्स को चुपके से सीमित कर देते हैं। आइए समझते हैं कि यह मोड ऑन होते ही बैकग्राउंड में क्या-क्या बंद होता है।
लो पावर मोड एक्टिवेट होते ही फोन सबसे पहले उन प्रोसेस को टारगेट करता है जिन्हें यूजर सीधे तौर पर नहीं देख पाता। सामान्य स्थिति में आपके फोन के ऐप्स बैकग्राउंड में लगातार अपडेट होते रहते हैं, नए ईमेल फैच करते हैं और क्लाउड पर फोटो बैकअप लेते रहते हैं।
स्मार्टफोन की बैटरी की सबसे ज्यादा खपत उसका प्रोसेसर (CPU और GPU) करता है। जब आप लो पावर मोड या बैटरी सेविंग मोड ऑन करते हैं, तो ऑपरेटिंग सिस्टम प्रोसेसर को अंडरक्लॉक (Underclock) कर देता है। इसका मतलब है कि प्रोसेसर अपनी पूरी क्षमता के बजाय केवल 60 से 70 प्रतिशत पावर पर काम करता है।
प्रोसेसर की स्पीड सीमित होने से हैवी गेमिंग या 4K वीडियो एडिटिंग में फ्रेम ड्रॉप महसूस हो सकता है, लेकिन नॉर्मल कॉलिंग और टेक्स्टिंग में कोई फर्क नहीं पड़ता।
आजकल के आधुनिक प्रीमियम फोन्स में 120Hz का प्रोमोशन या हाई रिफ्रेश रेट डिस्प्ले होता है। बैटरी सेविंग मोड ऑन होते ही स्क्रीन का रिफ्रेश रेट तुरंत घटकर 60Hz पर सेट हो जाता है। इसके अलावा, स्क्रीन ब्राइटनेस का लेवल अपने आप थोड़ा कम कर दिया जाता है और 'ऑटो-लॉक' का समय घटाकर 30 सेकंड तक कर दिया जाता है।
नेटवर्क के मामले में, 5G तकनीक 4G की तुलना में ज्यादा बैटरी खत्म करती है। बैटरी सेवर मोड चालू होते ही कई फोन्स 5G को डिसएबल करके 4G LTE पर शिफ्ट हो जाते हैं। इसके साथ ही, होम स्क्रीन के लाइव वॉलपेपर्स, ऐप ओपनिंग एनिमेशन और हैप्टिक फीडबैक (वाइब्रेशन) जैसी चीजें भी बंद या हल्की कर दी जाती हैं।
तकनीकी रूप से इसे हमेशा ऑन रखने से आपके फोन के हार्डवेयर को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। हालांकि, ऐसा करने से आपको अपने फोन का बेस्ट एक्सपीरियंस नहीं मिलेगा। आपके नोटिफिकेशन लेट आ सकते हैं और हैवी ऐप्स थोड़े स्लो काम कर सकते हैं। आपातकालीन स्थिति में जब चार्जर दूर हो, तब लो पावर मोड का इस्तेमाल करना ही सबसे सही फैसला होता है।
क्या आप भी अपने फोन में लो पावर मोड हमेशा ऑन रखते हैं या सिर्फ इमरजेंसी में? नीचे कमेंट करके अपनी राय जरूर शेयर करें!









